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SIP गाइड

SIP में 2 साल से 0% रिटर्न? तो खुश हो जाइए!

SIP 0% रिटर्न पर है? यूनिट और NAV की आसान समझ, राजेश-सुरेश की कहानी और आंकड़ों से जानिए कि यह खरीदारी का समय क्यों है और फंड सही है या नहीं।

Sagar Mathukiya AMFI Registered Mutual Fund Distributor · ARN 129145 2 अक्टूबर 2026
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SIP शून्य पर है? घबराइए मत

दो साल से हर महीने SIP भर रहे हैं और स्टेटमेंट में रिटर्न 0% दिख रहा है? ज़्यादातर निवेशक इसी मोड़ पर SIP बंद करने की सोचने लगते हैं।

लेकिन असली बात इसके ठीक उलट है। इस समय आप नुकसान में नहीं हैं, आप सस्ते में खरीदारी कर रहे हैं। रुपये भले 0% पर हों, आपके यूनिट चुपचाप बढ़ रहे हैं।

यह बात समझने के लिए पहले एक शब्द समझना ज़रूरी है — यूनिट।

यूनिट क्या होता है?

म्यूचुअल फंड में आप रुपये नहीं, यूनिट खरीदते हैं। एक यूनिट की कीमत को NAV (Net Asset Value) कहते हैं।

एक आसान उदाहरण लेते हैं। मान लीजिए आप हर महीने ₹10,000 का अनाज खरीदते हैं:

  • गेहूं ₹100 किलो हो, तो 100 किलो मिलेगा।
  • गेहूं ₹50 किलो हो जाए, तो उसी ₹10,000 में 200 किलो मिलेगा।

SIP भी ठीक इसी तरह काम करती है। NAV गिरती है तो उसी रकम में ज़्यादा यूनिट मिलते हैं।

आपके निवेश की कीमत = कुल यूनिट × आज की NAV। इसलिए बाज़ार नीचे होने पर कीमत कम दिखती है, लेकिन यूनिट का ढेर लगातार बड़ा होता जाता है।

कहानी: राजेश और सुरेश

सूरत के दो दोस्त, राजेश और सुरेश। दोनों ने एक ही दिन, एक ही फंड में ₹10,000 की SIP शुरू की। शुरुआत में NAV थी ₹100।

पहला साल अच्छा नहीं रहा। बाज़ार लगातार गिरता रहा और 12वें महीने तक NAV ₹60 पर आ गई। दोनों ने ₹1,20,000 लगाए थे, लेकिन स्टेटमेंट में कीमत लगभग ₹92,000 दिख रही थी।

सुरेश घबरा गया। "इसमें तो पैसा डूब रहा है," कहकर उसने SIP बंद कर दी। जो यूनिट थे वो रहने दिए, पर नया निवेश बंद।

राजेश भी परेशान था, लेकिन कोई फैसला लेने से पहले उसने अपने म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर को फोन किया। जवाब सीधा था: "अभी रुपये मत गिनिए, यूनिट गिनिए।" राजेश ने SIP चालू रखी।

दूसरे साल बाज़ार थोड़ा सुधरा, लेकिन NAV सिर्फ़ ₹71.5 तक पहुंची — शुरुआत से अब भी नीचे। 24 महीने बाद राजेश ने ₹2,40,000 लगाए थे और कीमत थी लगभग ₹2,39,900। यानी रिटर्न लगभग 0%।

सुरेश ने मज़ाक उड़ाया: "देखा? दो साल की मेहनत और नतीजा ज़ीरो!" पर राजेश के पास कुछ ऐसा था जो स्टेटमेंट के रिटर्न कॉलम में नहीं दिखता।

राजेश के यूनिट: आंकड़ों से समझिए

24 महीनों में राजेश के पास 3,355 यूनिट जमा हो गए। अगर NAV पूरे समय ₹100 रहती, तो उसी ₹2,40,000 में सिर्फ़ 2,400 यूनिट मिलते — यानी लगभग 955 यूनिट ज़्यादा।

महीनाNAV (₹)उस महीने मिले यूनिटकुल यूनिटकुल निवेश (₹)कीमत (₹)
1100.0100.010010,00010,000
681.8122.266360,00054,254
1260.0166.71,5391,20,00092,319
1865.8152.12,4861,80,0001,63,476
2471.5139.93,3552,40,0002,39,888

ध्यान दीजिए: सबसे ज़्यादा यूनिट तब मिले जब बाज़ार सबसे खराब था — 12वें महीने में 100 की जगह 166.7 यूनिट। जिस समय सुरेश ने SIP बंद की, वही खरीदारी का सबसे अच्छा समय था।

ये आंकड़े सिर्फ़ समझाने के लिए एक उदाहरण हैं, किसी खास फंड के नहीं।

तीसरे साल क्या हुआ?

तीसरे साल बाज़ार सुधरा और 36वें महीने में NAV फिर ₹100 पर आ गई — यानी सिर्फ़ शुरुआती भाव तक। कोई बड़ी तेज़ी नहीं, बस बाज़ार वापस वहीं।

राजेश (SIP चालू रखी)सुरेश (12वें महीने बंद की)
कुल निवेश₹3,60,000₹1,20,000
कुल यूनिट4,7481,539
36वें महीने में कीमत (NAV ₹100)₹4,74,785₹1,53,864
मुनाफ़ा₹1,14,785₹33,864
सालाना रिटर्न (XIRR, लगभग)19%10%

देखिए, NAV जहां से शुरू हुई थी वहीं लौटी, फिर भी राजेश को लगभग 19% सालाना रिटर्न मिला। यह कमाल उन सस्ते यूनिट का है जो उसने 0% वाले दिनों में जमा किए।

जो दो साल "0% रिटर्न" दिख रहा था, वह असल में यूनिट जमा करने का समय था। रिटर्न तो बाज़ार सुधरने पर एक साथ दिखता है।

लेकिन ध्यान रहे: फंड सही होना ज़रूरी है

राजेश की कहानी तभी सच होती है जब फंड अच्छा हो। 0% रिटर्न के दो कारण हो सकते हैं — बाज़ार खराब है या फंड ही खराब है। पहले में धैर्य काम आता है, दूसरे में धैर्य भी नुकसान करता है।

कई बार लोग ऐसे फंड में निवेश कर बैठते हैं जिनमें आगे भी अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना कम होती है। जैसे:

  • उसी कैटेगरी के दूसरे फंड अच्छा कर रहे हों, लेकिन आपका फंड सालों से पीछे चल रहा हो।
  • किसी ट्रेंड या थीम को देखकर लिया गया फंड, जिसका दौर खत्म हो चुका हो।
  • आपके लक्ष्य और समय से मेल न खाने वाला फंड — जैसे 2 साल के लक्ष्य के लिए स्मॉल कैप फंड।
  • एक ही तरह के कई फंड, जिससे पोर्टफोलियो में असली विविधता ही न हो।

ऐसे फंड में SIP जारी रखने से यूनिट तो बढ़ेंगे, लेकिन उन यूनिट की कीमत बढ़ने की कोई गारंटी नहीं। गलत फंड में ज़्यादा यूनिट जमा करना फ़ायदा नहीं है।

तो क्या करें? पोर्टफोलियो रिव्यू करवाइए

SIP बंद करनी है या चालू रखनी है, यह फैसला भावना से नहीं, रिव्यू से लीजिए। किसी अनुभवी, रजिस्टर्ड प्रोफेशनल से अपना पूरा पोर्टफोलियो जंचवाइए। रिव्यू में ये बातें देखी जाती हैं:

  1. आपका फंड अपनी कैटेगरी के दूसरे फंड और बेंचमार्क के मुकाबले कैसा कर रहा है।
  2. फंड आपके लक्ष्य, समय और जोखिम उठाने की क्षमता से मेल खाता है या नहीं।
  3. पोर्टफोलियो में एक ही तरह के फंड ज़्यादा तो नहीं हैं।
  4. किस फंड में SIP जारी रखनी है, किसमें बदलनी है — और बदलने पर टैक्स या एग्ज़िट लोड कितना लगेगा।

सीधी बात: सही फंड + धैर्य = राजेश जैसा नतीजा। गलत फंड + धैर्य = सिर्फ़ समय की बर्बादी।

आपकी SIP 0% पर है तो क्या करें?

करें:

  • स्टेटमेंट में रिटर्न के साथ यूनिट की संख्या भी देखें। यूनिट बढ़ रहे हैं तो SIP अपना काम कर रही है।
  • हो सके तो SIP की रकम थोड़ी बढ़ाएं। सस्ते भाव पर ज़्यादा यूनिट मिलेंगे।
  • दिक्कत बाज़ार में है या फंड में, यह जांच लें। पूरा बाज़ार नीचे हो तो चिंता की बात नहीं।

न करें:

  • गिरते बाज़ार में डरकर SIP बंद न करें। सुरेश की गलती याद रखें।
  • 1–2 साल के रिटर्न देखकर इक्विटी फंड पर फैसला न लें। इक्विटी के लिए कम से कम 5–7 साल का समय दें।

निष्कर्ष

SIP में 0% रिटर्न असफलता नहीं, खरीदारी का मौसम है। रुपये नहीं, यूनिट गिनिए। बाज़ार सुधरेगा तो यही यूनिट आपका रिटर्न बनेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

SIP में 0% रिटर्न दिखे तो क्या SIP बंद कर देनी चाहिए?

सिर्फ़ 0% रिटर्न देखकर नहीं। पहले देखिए कि वजह पूरा बाज़ार है या आपका फंड। बाज़ार नीचे हो तो SIP उसी रकम में ज़्यादा यूनिट खरीदती है, और बाज़ार सुधरने पर यही यूनिट रिटर्न देते हैं।

SIP यूनिट क्या है?

म्यूचुअल फंड में आप रुपये नहीं, यूनिट खरीदते हैं। हर महीने आपकी SIP की रकम उस दिन की NAV के हिसाब से यूनिट में बदल जाती है। आपके निवेश की कीमत = कुल यूनिट × आज की NAV।

NAV क्या होता है?

NAV (Net Asset Value) यानी फंड की एक यूनिट की कीमत। यह हर कारोबारी दिन के अंत में तय होती है। NAV गिरती है तो उसी SIP रकम में ज़्यादा यूनिट मिलते हैं।

स्टेटमेंट में SIP के यूनिट कहां देखें?

अपने CAS (Consolidated Account Statement) या फंड हाउस के स्टेटमेंट में हर फंड के सामने "Units" या "Balance Units" लिखा होता है। हर महीने यह संख्या बढ़ रही है तो SIP अपना काम कर रही है।

मेरा फंड खराब है या बाज़ार, यह कैसे पता चले?

अपने फंड की तुलना उसी कैटेगरी के दूसरे फंड और बेंचमार्क से कीजिए। पूरी कैटेगरी नीचे हो तो वजह बाज़ार है; दूसरे फंड अच्छा कर रहे हों और आपका सालों से पीछे हो तो फंड का रिव्यू ज़रूरी है।

इक्विटी फंड में SIP कितने समय तक चालू रखें?

इक्विटी फंड के लिए कम से कम 5–7 साल का समय दें। 1–2 साल के रिटर्न देखकर फैसला लेने से, सुरेश की तरह, सबसे सस्ते समय पर खरीदारी बंद हो जाती है।

म्यूचुअल फंड का पोर्टफोलियो रिव्यू कैसे करवाएं?

आप अपने एडवाइज़र या म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर सकते हैं। और अगर आपको ठीक लगे तो नीचे पोर्टफोलियो रिव्यू में जाकर हमसे संपर्क कर सकते हैं।

पोर्टफोलियो रिव्यू करवाना है?

आपकी SIP 0% पर है और समझ नहीं आ रहा कि वजह बाज़ार है या फंड? तो पोर्टफोलियो रिव्यू के लिए हमसे संपर्क करें।

The Capital Investment, पाल / अडाजण, सूरत के साथ पोर्टफोलियो रिव्यू के लिए अनुरोध करें या 15 मिनट की फ्री कॉल बुक करें।

म्यूचुअल फंड निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन हैं। योजना से जुड़े सभी दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें। ऊपर दिए आंकड़े सिर्फ़ समझाने के लिए हैं; पिछला प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं है।

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