टैक्स गाइड
Section 112A की ₹1.25 लाख exemption और ₹4 लाख की Basic Exemption मिलकर Equity Mutual Fund में ₹5.25 लाख तक के LTCG पर Tax ₹0 कर सकती हैं। उदाहरणों के साथ पूरा हिसाब।
अगर आपकी कोई दूसरी आय नहीं है, तो Equity Mutual Fund में ₹5.25 लाख तक के Long-Term Capital Gain पर Tax ₹0 हो सकता है।
ज़्यादातर investors मानते हैं कि LTCG हुआ तो पूरे मुनाफ़े पर सीधा 12.5% Tax भरना पड़ेगा। असल में Section 112A की ₹1.25 लाख exemption और Basic Exemption Limit का फ़ायदा मिलकर पूरा हिसाब बदल देते हैं।
Equity Mutual Fund के units 12 महीने से ज़्यादा रखकर बेचें, तो हुआ मुनाफ़ा Long-Term Capital Gain कहलाता है।
उदाहरण: आपने ₹5,00,000 निवेश किए और कुछ साल बाद value ₹8,00,000 हो गई। बेचने पर Capital Gain = ₹8,00,000 − ₹5,00,000 = ₹3,00,000 (LTCG)।
लागू होने वाले Income Tax sections:
पूरे ₹3 लाख पर 12.5% Tax नहीं लगता। हर financial year में Equity LTCG के पहले ₹1.25 लाख पूरी तरह Tax-Free हैं, और उसके ऊपर के हिस्से पर ही 12.5% लगता है।
| हिसाब | राशि |
|---|---|
| Total LTCG | ₹3,00,000 |
| घटाएँ: Section 112A exemption | ₹1,25,000 |
| बाकी LTCG | ₹1,75,000 |
Budget 2026 में भी 12.5% rate और ₹1.25 लाख की सीमा FY 2026-27 के लिए वैसी ही रखी गई है।
New Tax Regime में Basic Exemption Limit ₹4,00,000 है। आपकी सामान्य आय (Salary, Business, Interest, Rent) इस सीमा से कम हो, तो बची हुई सीमा LTCG के सामने इस्तेमाल हो सकती है।
ख़ास ध्यान दें
यह Basic Exemption adjustment सिर्फ़ Resident Individual/HUF के लिए है। NRI investors को यह लाभ नहीं मिलता — उन्हें ₹1.25 लाख के बाद पूरे LTCG पर 12.5% Tax लगता है।
मान लीजिए कि व्यक्ति की Salary, Business या कोई दूसरी आय नहीं है; सिर्फ़ Equity MF से ₹3 लाख का LTCG है। ₹1.25 लाख exemption के बाद ₹1.75 लाख बचते हैं, जो ₹4 लाख की Basic Exemption Limit के अंदर आ जाते हैं। नतीजा: Income Tax = ₹0।
| Total LTCG | Tax-free हिस्सा | Taxable LTCG | Tax (cess सहित) |
|---|---|---|---|
| ₹3,00,000 | ₹3,00,000 | ₹0 | ₹0 |
| ₹5,25,000 | ₹5,25,000 | ₹0 | ₹0 |
| ₹6,00,000 | ₹5,25,000 | ₹75,000 | ₹9,750 |
| ₹8,00,000 | ₹5,25,000 | ₹2,75,000 | ₹35,750 |
| ₹10,00,000 | ₹5,25,000 | ₹4,75,000 | ₹61,750 |
हिसाब: (LTCG − ₹1.25 लाख − ₹4 लाख) × 12.5% × 1.04 · दूसरी आय ₹0 मानी गई है
Magic Number = ₹5.25 लाख (₹1.25 लाख Section 112A + ₹4 लाख Basic Exemption)। इसके ऊपर हर ₹1 लाख LTCG पर लगभग ₹13,000 Tax लगता है। इसलिए "मुझे ₹5 लाख LTCG हुआ" सुनकर सीधा 12.5% लगाना गलत है।
उसी ₹3 लाख के LTCG पर, दूसरी आय ₹6 लाख हो तो लगभग ₹22,750 Tax लगता है। क्योंकि ₹4 लाख की Basic Exemption दूसरी आय में ही इस्तेमाल हो चुकी है, इसलिए ₹1.75 लाख पर सीधा 12.5% + cess लगता है।
| हिसाब | राशि |
|---|---|
| Total LTCG | ₹3,00,000 |
| घटाएँ: Section 112A exemption | ₹1,25,000 |
| घटाएँ: बची हुई Basic Exemption | ₹0 |
| Taxable LTCG | ₹1,75,000 |
| Tax @ 12.5% | ₹21,875 |
| Health & Education Cess @ 4% | ₹875 |
| LTCG पर कुल Tax | ₹22,750 |
हिसाब: (₹3 लाख − ₹1.25 लाख − बची हुई Basic Exemption) × 12.5% × 1.04
Section 87A Rebate यहाँ काम नहीं आती। ₹6 लाख की दूसरी आय पर slab tax (₹10,000) Section 87A rebate से ₹0 हो जाता है, क्योंकि total income ₹12 लाख से कम है। लेकिन Section 112A(6) (2025 Act में Section 198(7) और rebate के लिए Section 156) के अनुसार rebate LTCG के Tax पर नहीं मिलती।
| Case 1 | Case 2 | |
|---|---|---|
| दूसरी आय | ₹0 | ₹6,00,000 |
| Equity MF LTCG | ₹3,00,000 | ₹3,00,000 |
| दूसरी आय पर Tax (87A के बाद) | ₹0 | ₹0 |
| LTCG पर Tax | ₹0 | ₹22,750 |
एक जैसा ₹3 लाख का मुनाफ़ा, लेकिन दूसरी आय के हिसाब से Tax बिलकुल अलग।
ऊपर का ₹5.25 लाख वाला फ़ायदा सिर्फ़ Equity-oriented funds के LTCG के लिए है। Fund का प्रकार और holding period बदलें तो section और rate भी बदलते हैं।
| Fund / Gain | Holding period | Tax rate | Section (1961 Act) | Section (2025 Act) |
|---|---|---|---|---|
| Equity MF — LTCG | 12 महीने से ज़्यादा | ₹1.25 लाख के बाद 12.5% | 112A | 198 |
| Equity MF — STCG | 12 महीने तक | 20% | 111A | 196 |
| Debt MF (1 April 2023 या बाद में ख़रीदा) | कोई भी | Slab rate के अनुसार | 50AA | — |
| Debt MF (1 April 2023 से पहले ख़रीदा) | 24 महीने से ज़्यादा | 12.5% (बिना indexation) | 112 | 197 |
Hybrid और International funds का taxation उनके equity exposure पर निर्भर करता है।
Tax = max(0, LTCG − 1,25,000 − Unused Basic Exemption) × 12.5% × 1.04
उदाहरण: LTCG ₹6,00,000, दूसरी आय ₹0 → (6,00,000 − 1,25,000 − 4,00,000) × 12.5% × 1.04 = ₹9,750।
Tax ₹0 होना और ITR न भरना — दोनों अलग बातें हैं। ₹5 लाख के LTCG में Tax ₹0 हो तब भी आपकी Total Income ₹4 लाख की Basic Exemption Limit से ज़्यादा है, इसलिए Section 139(1) के तहत ITR भरना अनिवार्य हो जाता है।
और उल्टा भी सच है: Tax बनता हो तो सिर्फ़ ITR न भरने से Tax liability ख़त्म नहीं होती।
"LTCG × 12.5%" Tax निकालने का सही तरीका नहीं है। सही planning से कम आय वाले investors — जैसे गृहिणी, सेवानिवृत्त व्यक्ति या विद्यार्थी — अपने खुद के निवेश में हर साल ₹5.25 लाख तक का LTCG Tax-Free बुक कर सकते हैं। ध्यान रहे: पति/पत्नी को gift किए पैसों से किए गए निवेश की आय Section 64 (Clubbing) के तहत gift देने वाले की आय में जुड़ती है।
Return ज़रूरी है, लेकिन Tax के बाद हाथ में कितना बचता है वह और भी ज़रूरी है। अपने portfolio के लिए Tax-efficient redemption plan बनवाने हेतु The Capital Investment से संपर्क करें — thecapitalinvestment.in।
नोट
यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है। उदाहरणों में New Tax Regime, Resident Individual, 60 वर्ष से कम उम्र और ₹50 लाख से कम आय (कोई surcharge नहीं) माना गया है। व्यक्तिगत Tax liability आपकी पूरी आय, निवेश के प्रकार, holding period और लागू नियमों पर निर्भर करती है; अंतिम हिसाब के लिए qualified CA/Tax professional की सलाह लें। Mutual Fund investments are subject to market risks, read all scheme related documents carefully.
Sources: Section 112A — Income Tax Department · Section 198, Income-tax Act 2025 — Income Tax Department
12 महीने से ज़्यादा रखे units बेचने पर हुआ मुनाफ़ा LTCG कहलाता है। हर financial year में पहले ₹1.25 लाख Tax-Free हैं, और उसके ऊपर के हिस्से पर 12.5% Tax + 4% cess लगता है।
उन Resident Individual या HUF पर, जिनकी LTCG के अलावा आय New Tax Regime की ₹4 लाख की Basic Exemption Limit से कम हो। दूसरी आय ₹0 हो तो ₹1.25 लाख + ₹4 लाख = ₹5.25 लाख तक के Equity LTCG पर Tax ₹0 हो सकता है।
नहीं। Basic Exemption adjustment सिर्फ़ Resident Individual/HUF के लिए है। NRI को ₹1.25 लाख के बाद पूरे LTCG पर 12.5% Tax लगता है।
नहीं। Section 112A(6) (2025 Act में Section 198(7)) के अनुसार Section 87A rebate Equity LTCG के Tax पर नहीं मिलती। दूसरी आय का slab tax rebate से ₹0 हो सकता है, लेकिन LTCG का Tax भरना पड़ता है।
हाँ, अगर LTCG मिलाकर Total Income ₹4 लाख की Basic Exemption Limit से ज़्यादा है तो Section 139(1) के तहत ITR अनिवार्य है। Section 112A का LTCG ₹1.25 लाख से ज़्यादा हो तो सामान्यतः ITR-2 भरना होता है।
Income-tax Act, 2025 में Section 112A की जगह Section 198 ने ली है। 12.5% rate और ₹1.25 लाख की सीमा FY 2026-27 के लिए वैसी ही है।
नहीं। Section 112A / 198 की ₹1.25 लाख exemption सिर्फ़ Equity-oriented funds के LTCG के लिए है। 1 April 2023 या बाद में ख़रीदे Debt MF का मुनाफ़ा slab rate के अनुसार taxable है (Section 50AA)।
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म्यूचुअल फंड निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन हैं। योजना से जुड़े सभी दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें। ऊपर दिए आंकड़े सिर्फ़ समझाने के लिए हैं; Tax नियम बदल सकते हैं।
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